12वीं में राजगढ़ के 69.43% छात्र पास:ब्यावरा की भावना ने 481 अंक के साथ प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया - Breaking News in Hindi | Latest News in Hindi
12वीं में राजगढ़ के 69.43% छात्र पास:ब्यावरा की भावना ने 481 अंक के साथ प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया
12वीं में राजगढ़ के 69.43% छात्र पास:ब्यावरा की भावना ने 481 अंक के साथ प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी हुआ। राजगढ़ जिले से 15,312 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिले का परिणाम 69.43% रहा। यह पिछले तीन सालों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ब्यावरा की छात्रा भावना शिवहरे ने कला संकाय सब्जेक्ट में प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया। भावना शिवहरे पब्लिक स्कूल, ब्यावरा की छात्रा हैं। उन्होंने 500 में से 481 अंक हासिल किए। भावना ने अपनी इस सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उनके पिता व्यवसायी हैं और माता गृहिणी हैं। भावना का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मैंने नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया है। तीन सालों में 20% बढ़ा शैक्षणिक ग्राफ साल 2023- 49.79% साल 2024- 62.41% साल 2025- 69.43% इस सुधार को लेकर शिक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में संसाधनों की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं की मेहनत और अभिभावकों की जागरूकता ने मिलकर यह परिवर्तन संभव बनाया है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी हुआ। राजगढ़ जिले से 15,312 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिले का परिणाम 69.43% रहा। यह पिछले तीन सालों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ब्यावरा की छात्रा भावना शिवहरे ने कला संकाय सब्जेक्ट में प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया। भावना शिवहरे पब्लिक स्कूल, ब्यावरा की छात्रा हैं। उन्होंने 500 में से 481 अंक हासिल किए। भावना ने अपनी इस सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उनके पिता व्यवसायी हैं और माता गृहिणी हैं। भावना का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मैंने नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया है। तीन सालों में 20% बढ़ा शैक्षणिक ग्राफ साल 2023- 49.79% साल 2024- 62.41% साल 2025- 69.43% इस सुधार को लेकर शिक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में संसाधनों की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं की मेहनत और अभिभावकों की जागरूकता ने मिलकर यह परिवर्तन संभव बनाया है।