फार्मास्यूटिकल और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को प्रभावी बनाने सम्मेलन

कलिंगा विश्वविद्यालय का आयोजन रायपुर, 22 मार्च। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि फार्मेसी संकाय द्वारा छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में फार्मास्यूटिकल एवं संबद्ध विज्ञानों के अग्रिम क्षेत्र: सतत एवं समान स्वास्थ्य सेवा के लिए नवाचार को प्रभाव में बदलना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस सम्मेलन का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय द्वारा, रुहूना विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय के अंतर्गत प्राकृतिक उत्पाद अनुसंधान एवं विकास केंद्र के सहयोग से, डॉ. संदीप प्रसाद तिवारी एवं डॉ. अशोक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय नेतृत्व के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें डॉ. आर. श्रीधर- कुलपति, डॉ. बायजू जॉन- महानिदेशक, डॉ. राहुल मिश्रा- अधिष्ठाता (शैक्षणिक मामले) एवं परीक्षा नियंत्रक, डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादर- निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, श्री पंकज तिवारी- निदेशक, नैदानिक अनुसंधान समन्वय केंद्र तथा डॉ. लिंसी रॉय- उप कुलसचिव एवं मानव संसाधन प्रमुख का विशेष योगदान रहा।

फार्मास्यूटिकल और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को प्रभावी बनाने सम्मेलन
कलिंगा विश्वविद्यालय का आयोजन रायपुर, 22 मार्च। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि फार्मेसी संकाय द्वारा छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में फार्मास्यूटिकल एवं संबद्ध विज्ञानों के अग्रिम क्षेत्र: सतत एवं समान स्वास्थ्य सेवा के लिए नवाचार को प्रभाव में बदलना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस सम्मेलन का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय द्वारा, रुहूना विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय के अंतर्गत प्राकृतिक उत्पाद अनुसंधान एवं विकास केंद्र के सहयोग से, डॉ. संदीप प्रसाद तिवारी एवं डॉ. अशोक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय नेतृत्व के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें डॉ. आर. श्रीधर- कुलपति, डॉ. बायजू जॉन- महानिदेशक, डॉ. राहुल मिश्रा- अधिष्ठाता (शैक्षणिक मामले) एवं परीक्षा नियंत्रक, डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादर- निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, श्री पंकज तिवारी- निदेशक, नैदानिक अनुसंधान समन्वय केंद्र तथा डॉ. लिंसी रॉय- उप कुलसचिव एवं मानव संसाधन प्रमुख का विशेष योगदान रहा।